"Bam Bam Bol Raha Hai Kashi" lyrics

"Bam Bam Bol Raha Hai Kashi"



विश्वेशं माधवं ढुण्ढिं दण्डपाणिं च भैरवम् ।
वन्दे काशीं गुहां गङ्गां भवानीं मणिकर्णिकाम् ||

शिव हैं हमारे, शिव के है हम
बोल बम बोल बम बोल बम

गगन मंडल से गाज उठी
अनहत की तूती बाज उठी
लहर लहर बिखरे मोती
मुख मयंक गंगा धोती
शंखनाद की गूँज उठे
बेल पात सब झूम उठे
हर हर हर गुंजार करे
याचक जय जयकार
ॐकार का नाद बजे
घाट घाट आह्लाद सजे
मृत्युंजय हे विश्वनाथ
हे अजर अमर अविनाशी

बम बम बम बम बबम बम बबम बम बम बम बम बम
बम बम बोल रहा है काशी बम बम बोल रहा

तन काशी है मन काशी
कण कण पुलकित है उल्लासी
त्रिलोक त्रिपुण्ड त्रिशूल सुशोभित
बसे हैं घट घट वासी
जिस नगरी के अभियन्ता हों महादेव कैलासी
हर हर हर हर ज्योत लिये
हर हर को करें प्रकाशी

मृत्युंजय हे विश्वनाथ
हे अजर अमर अविनाशी

बम बम बम बम बबम बम बबम बम बम बम बम बम
बम बम बोल रहा है काशी बम बम बोल रहा

आज्ञा जागी प्रज्ञा जागी
शुभ आभामयी जिज्ञा जागी
जड़ चेतन केतन हृदयों में
शिवो ध्यान की मृज्ञा जागी
सप्त ऋषि के पूजन पाठन
ऋषि कुल गंधर्व देव अवतरण
काशी काया है शिव माया
ध्यावो बारामासी

मृत्युंजय हे विश्वनाथ
हे अजर अमर अविनाशी

बम बम बम बम बबम बम बबम बम बम बम बम बम
बम बम बोल रहा है काशी बम बम बोल रहा

शिव हैं हमारे, शिव के है हम
बोल बम बोल बम बोल बम

बोल बम बोल बम बोल बम